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    • cal27-August-2022 adminAkanksha Dubey

      चयापचय (Metabolic) संबंधी विकार: कारण, उपचार और प्रकार

    • मेटाबॉलिज़्म आपके शरीर को सांस लेने और पाचन जैसे आवश्यक कार्यों के लिए लगातार एनर्जी देता है। मेटाबॉलिक डिसऑर्डर एक ऐसी कंडीशन है जो शरीर की चल रही प्रक्रिया को प्रभावित करती है। मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का सीधा संबंध मेटाबॉलिज़्म से होता है। आइए इसे और समझते हैं।

      विषयसूची

      1. मेटाबॉलिक डिसऑर्डर क्या है?

      2. मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का कारण

      3. कॉमन मेटबॉलिक डिसऑर्डर क्या हैं?

      4. मेटबॉलिक डिसऑर्डर के उपचार क्या हैं?

      5. निष्कर्ष 

      6. सामान्य प्रश्न

      मेटाबॉलिक डिसऑर्डर क्या है?

      मेटाबॉलिक डिसऑर्डर तब होता है जब असामान्य रासायनिक प्रतिक्रियाएं शरीर के मेटाबॉलिज़्म में बाधा डालती हैं। यह एनर्जी के लिए मॉलिक्यूल्स के टूटने को प्रभावित कर सकता है और एनर्जी नियंत्रण में बाधित हो सकता है।

      मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का कारण

      विशेषज्ञ भी मेटाबॉलिक सिंड्रोम के विकास के बारे में निश्चित नहीं हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक बीमारी का नहीं बल्कि कई रिस्क फेक्टर्स का कलेक्शन है। उनमें से कुछ हैं:

      1. इंसुलिन रेसिस्टेन्स 

      इंसुलिन हार्मोन आपके शरीर को ग्लूकोज़ का उपयोग करने में मदद करता है। इंसुलिन रेसिस्टेन्स वाले लोगों में, इंसुलिन काम नहीं करता, इसलिए आपका शरीर ग्लूकोज़ के बढ़ते स्तर से निपटने के लिए इसका अधिक से अधिक उत्पादन करता रहता है। आखिरकार, यह मधुमेह को बढ़ाता है और पेट की चर्बी को भी बढ़ाता है।

      2. मोटापा

      विशेषज्ञों का सुझाव है कि मोटापे की बढ़ती दर के कारण मेटाबॉलिक सिंड्रोम आम होता जा रहा है। इसके अलावा, पेट या शरीर में कहीं और अतिरिक्त चर्बी होने से आपके मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स का खतरा बढ़ जाता है।

      3. अस्वस्थ जीवनशैली

      अस्वस्थ जीवनशैली जीने से न केवल मेटाबॉलिक सिंड्रोम होता है, बल्कि कई बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक ऐसी स्थिति है जो महिलाओं में मासिक धर्म चक्र और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है। एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली हार्मोनल असंतुलन और मेटाबॉलिक सिंड्रोम होने का कारण है।

      4. जेनेटिक्स 

      जीन्स का प्रभाव मेटाबॉलिक गतिविधि में दखल दे सकता है। उदाहरण, Gaucher's disease जीन को बदल सकता है, जो ग्लूकोसेरेब्रोसिडेज़(glucocerebrosidase) (एक कंपाउंड जो फैट को ख़त्म करता है) के उत्पादन को रोकता है। नतीजतन, शरीर के चारों ओर फैट बढ़ जाता है।

      5. माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन

      माइटोकॉन्ड्रिया सेल्स के छोटे हिस्से होते हैं जो एनर्जी पैदा करते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया या सेल DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) में बदलाव, माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य को प्रभावित कर सकते हैं।

      कॉमन मेटबॉलिक डिसऑर्डर क्या हैं?

      यहाँ कुछ कॉमन मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स दिए गए हैं:

      1. Gaucher's disease

      यह वह डिसऑर्डर है जिसमें ग्लूकोसेरेब्रोसिडेज़(glucocerebrosidase) एंजाइम न्यूनतम मात्रा में उत्पन्न होता है, जिससे शरीर में हानिकारक फैट जमा हो जाता  है। नतीजतन, लिपिड लीवर या स्प्लीन में एकत्र हो जाते हैं, जिससे वे बड़े हो जाते हैं और चोट लगने और थकान जैसी कई समस्याएं पैदा करते हैं।

      2. फेनिलकेटोनुरिया/Phenylketonuri (PKU)

      शरीर मे विकास और वृद्धि के लिए अमीनो एसिड का ब्रेक डाउन हो जाता है। फेनिलकेटोनुरिया(Phenylketonuria) की स्थिति में, एक व्यक्ति फेनिलएलनिन(phenylalanine) हाइड्रॉक्सिलस नामक एक एंजाइम का उत्पादन नहीं कर सकता है, जो फेनिलएलनिन(phenylalanine) को अन्य अमीनो एसिड में परिवर्तित करता है। नतीजतन, PKU के रोगी अमीनो एसिड को प्रोसेस नहीं कर सकते जो मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाते हैं।

      3. मधुमेह

      यह एक ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर है जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पैन्क्रीआज़ को आवश्यक मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता। मधुमेह तीन प्रकार के होते हैं:

      1. टाइप 1 मधुमेह

      टाइप 1 मधुमेह के रोगियों को अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की दवाओं की आवश्यकता होती है।

      2. टाइप 2 मधुमेह

      टाइप 2 मधुमेह में पैन्क्रीआज़ इंसुलिन का उत्पादन करता है लेकिन लाइफस्टाइल फैक्टर्स जैसे अन्हैल्थी डाइट के कारण कम मात्रा में उत्पादन करता है।

      3. गर्भकालीन मधुमेह(Gestational diabetes)

      गर्भकालीन मधुमेह गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को प्रभावित करता है। यह प्रसव के बाद चला जाता है। हालांकि, यह भविष्य में मधुमेह 2 के जोखिम को विकसित कर सकता है।

      4. हेमोक्रोमैटोसिस

      यह शरीर के आयरन अब्सॉर्प्शन को प्रभावित करता है। नतीजतन, स्थिति अतिरिक्त आयरन का निर्माण करती है। हीमोक्रोमैटोसिस(hemochromatosis) के लक्षणों में शामिल हैं:

      • जोड़ों का दर्द
      • यौन कठिनाइयाँ
      • कमज़ोरी
      • त्वचा का काला पड़ना
      • पेटदर्द

      मेटबॉलिक डिसऑर्डर के उपचार क्या हैं?

      अनुपचारित मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, सबसे पहले इसका इलाज करवाना महत्वपूर्ण है।

      डाइट और जीवन शैली में परिवर्तन

      उचित डाइट की दिनचर्या में बैलेंस डाइट शामिल होना चाहिए; और कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। इसके अलावा, आप सक्रिय और स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

      मेडिकल सहायता

      स्वास्थय सम्बन्धी स्थितियों से बचने के लिए, मेटाबोलिक डिसॉर्डर्स के विशिष्ट लक्षणों को दूर करने के लिए निर्धारित दवाएं लेनी चाहिए। उदाहरण के लिए, मधुमेह में, इंसुलिन की सलाह दी जाती है।

      निष्कर्ष 

      मेटाबॉलिक डिसऑर्डर मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न बाधाएं उत्पन्न होती हैं। ये आम तौर पर शरीर द्वारा किसी पदार्थ के बहुत अधिक या बहुत कम उत्पादन के कारण उत्पन्न होते हैं। मेटाबॉलिक कंडीशन के लक्षण उपचार के बिना बढ़ सकते हैं और मेडिकल इमरजेंसी कंडीशन की शुरुआत कर सकते हैं।

      सामान्य प्रश्न

      1. मेटाबॉलिक सिंड्रोम का निदान कैसे किया जाता है?

      ट्राइग्लिसराइड के लेवल, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच के लिए आपको रक्त परीक्षण करने की आवश्यकता होती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपको कोई चिकित्सीय विकार है या नहीं।

      2. क्या मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स दूर हो सकते हैं?

      हाँ, दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के जरिए इस कंडीशन को बदला जा सकता है।

      3. क्या मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स इनहेरिटेड(Inherited) हैं?

      हाँ, फेनिलकेटोनुरिया(phenylketonuria) जैसे कुछ डिसऑर्डर्स इनहेरिटेड(Inherited) हैं और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर हो सकते हैं।

      4. क्या मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स आपके लिए घातक हो सकते हैं?

      मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स आपके लिए घातक नहीं हैं, लेकिन आपके शरीर में कई बीमारियां पैदा कर सकते हैं और आपको मधुमेह और हृदय की समस्याओं जैसी अन्य बीमारियों से ग्रस्त कर सकते हैं।

      5. कॉमन मेटाबॉलिक डिसऑर्डर क्या है?

      मधुमेह को ही कॉमन मेटाबॉलिक डिसऑर्डर माना जाता है।

       

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