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Bipolar और Bipolar 2: जानिए दोनों डिसऑर्डर के बीच महत्वपूर्ण अंतर!

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25 Jun 2024

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क्या आप स्वयं में अवसाद, लगातार मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, खराब नींद और आवेग के लक्षण देख रहे हैं? तो ये बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं। बाइपोलर डिसऑर्डर दो प्रकार के होते हैं- बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2। बाइपोलर 1 और 2 डिसऑर्डर दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य विकार हैं जिसमें मूड स्विंग, हाइपोमेनिया और डिप्रेशन जैसी समस्याएं शामिल हैं। हालांकि दोनों ही विकार समान रूप की विशेषताएं साझा करते हैं। लेकिन कुछ कारकों में अंतर भी होता है। आज इस ब्लॉग में हम बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के अंतर को समझेंगे, जिससे उसका सही उपचार लेने में सहायता मिल सके। .

विषय सूची 

  1. बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के बीच प्रमुख अंतर

  2. बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 को अलग करने वाले कारक

  3. विशेषज्ञ की सलाह

  4. निष्कर्ष

  5. सामान्य प्रश्न 

  6. संदर्भ

बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के बीच प्रमुख अंतर

बाइपोलर डिसऑर्डर मानसिक स्वास्थ्य विकार होता है, जिसमें मूड स्विंग, हाइपोमेनिया और डिप्रेशन शामिल होते हैं। बाइपोलर 1 और 2 में समस्या की अवधि और गंभीरता का अंतर होता है। ये समस्याएं ज़्यादातर व्यक्ति की दिनचर्या और संबंधों को प्रभावित करती हैं। तो चलिए बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 डिसऑर्डर के अंतर को विस्तार से समझते हैं।

1. बाइपोलर 1 डिसऑर्डर 

बाइपोलर 1 डिसऑर्ड में मेनिक एपिसोड शामिल होते है। ये एपिसोड करीब 7 दिन तक चलते हैं और इसके लिए चिकित्सा की सहायता ली जाती है। इन एपिसोड में व्यक्ति में उच्च ऊर्जा, यूफोरिया या चिड़चिड़ापन रहता है और कभी-कभी साइकोटिक लक्षण भी होते हैं। 

डिप्रेसिव एपिसोड

बाइपोलर 1 से ग्रस्त व्यक्ति डिप्रेसिव एपिसोड को अनुभव कर सकता है। इस एपिसोड में व्यक्ति ही उदास रहता है, किसी भी गतिविधि में उसका मन नहीं लगता और दैनिक जीवन में बड़ी हानि होती है। हालांकि ये लक्षण डाइग्नोस के लिए आवश्यक नहीं हैं।

गंभीरता 

बाइपोलर 1 में मेनिक एपिसोड गंभीर होते हैं, यह आपके दैनिक जीवन के कार्यों में बाधा बनते हैं और आपको चिकित्सा की सहायता लेनी पड़ती है। 

ये भी पढ़ें- मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक अस्वस्थता में समझिए अंतर !

2. बाइपोलर 2 डिसऑर्डर

बाइपोलर 2 में व्यक्ति हाइपोमेनिया एपिसोड का शिकार होता है। ये एपिसोड लगभग 4 दिन तक चलते हैं। ये एपिसोड मेनिक एपिसोड के मुकाबले थोड़े हल्के होते हैं और आपकी दिनचर्या में गंभीर बाधा पैदा नहीं करते। 

डिप्रेसिव एपिसोड

बाइपोलर 2 में लगभग एक बड़ा डिप्रेसिव एपिसोड ज़रूर होता है। जो बाइपोलर 1 के मुकाबले ज़्यादा चल सकता है। ये डिप्रेसिव एपिसोड महत्वपूर्ण संकट और हानि का कारण बनते हैं। 

गंभीरता

हाइपोमेनिक एपिसोड कम हानिकारक होते है लेकिन ये अधिक दुर्बल करने वाले हो सकते हैं।

बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 को अलग करने वाले कारक 

यहां बाइपोलर 1 और 2 को अलग करने वाले महत्वपूर्ण कारक दिए हुए हैं-


विशेषता

बाइपोलर 1

बाइपोलर 2

मेनिक एपिसोड 

यह कम से कम सात दिन तक चलने वाला प्रकरण है। इसमें आपको चिकित्सा की सहायता लेनी पड़ती है। इसके लक्षण दैनिक जीवन में बड़ी हानि का कारण बनते हैं। 

हाइपोमेनिक एपिसोड करीब 4 दिन तक चलता है। लक्षण हर दिन अधिकांश समय के लिए रहते हैं। मेनिक एपिसोड के मुकाबले कम गंभीर होता है। लेकिन थोड़ी हानि ज़रूर करता है। 

डिप्रेसिव एपिसोड 

प्रमुख डिप्रेसिव एपिसोड होना निश्चित नहीं है। यदि होता है तो गंभीर हो सकता है।

इसमें डिप्रेसिव एपिसोड होना निश्चित है और करीब 2 सप्ताह तक चलते हैं। 

मूड स्विंग की गंभीरता 

बहुत ही गंभीर मूड स्विंग होते हैं और ये बहुत ही हानिकारक और खतरनाक हो सकते हैं।

इसमें मूड स्विंग कम गंभीर होते हैं। साथ ही हाइपोमेनिक एपिसोड प्रोडक्टिव होने के साथ-साथ हानिकारक भी हो सकते हैं। 

चिकित्सा की आवश्यकता

इसमें चिकित्सालय की जाने की आवश्यकता अधिक होती है। 

चिकित्सालय जाने का आवश्यकता कम होती  है। 

समग्र कार्यप्रणाली 

इसका कार्य, संबंधों और दिनचर्या  पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 

इससे कामकाज पर कम प्रभाव पड़ता है। 

विशेषज्ञ की सलाह  

बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, जिससे आप इसका सही उपचार कर सकें और सही आहार ले सकें। मैं सलाह दूंगी कि आप अपने आहार में सब्ज़ियों और फलों को शामिल करें इससे आपके ब्रेन का स्वास्थ्य बना रहेगा और आपका मूड भी अच्छा रहेगा। समय पर भोजन लें और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें, अधिक शुगर का सेवन ना करें और कैफीन से दूर रहना भी महत्वपूर्ण है। साथ ही स्वयं को हाइड्रेटेड रखें और अल्कोहल का सेवन ना करें।


हेल्थ एक्सपर्ट 

अदिति उपाध्याय

निष्कर्ष

बाइपोलर 1 डिसऑर्डर में गंभीर मेनिक एपिसोड होते हैं जो आपकी दिनचर्या को बाधित कर सकते हैं और आपको हॉस्पिटल जाना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर बाइपोलर 2 डिसऑर्डर में हल्के हाइपोमेनिक एपिसोड होते हैं, लेकिन ये लगातार और तीव्र अवसादग्रस्त एपिसोड हो सकते हैं। बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के अंतर को समझना सही इलाज लेने के लिए महत्वपूर्ण होता है। 

सामान्य प्रश्न 

1. बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 में प्रमुख अंतर क्या है?

दोनों के बीच मूड एपिसोड में गंभीरता और समय सीमा का अंतर है। बाइपोलर 1 में मेनिक एपिसोड की गंभीरता आपकी पूरी दिनचर्या को बाधित कर सकती है या आपको चिकित्सालय जाने पर मजबूर कर देती है। वहीं बाइपोलर 2 में हल्के हाइपोमेनिक एपिसोड होते हैं, लेकिन ये लगातार और तीव्र अवसादग्रस्त एपिसोड होते हैं।

2. क्या बाइपोलर 1 और बाइपोलर 2 के जेनेटिक कॉम्पोनेंट हैं?

हां, बाइपोलर 1 और 2 दोनों की जेनेटिक लिंक्स हैं। विशिष्ट जेनेटिक फैक्टर मूड एपिसोड की गंभीरता और प्रकार को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकते हैं।

संदर्भ 

ToneOpक्या है?

ToneOp  एक हेल्थ एवं फिटनेस एप है जो आपको आपके हेल्थ गोल्स के लिए एक्सपर्ट द्वारा बनाये गए हेल्थ प्लान्स प्रदान करता है। यहाँ 3 कोच सपोर्ट के साथ-साथ आप अनलिमिटेड एक्सपर्ट कंसल्टेशन भी प्राप्त कर सकते हैं। वेट लॉस, मेडिकल कंडीशन, डिटॉक्स  जैसे हेल्थ गोल्स के लिए डाइट, नेचुरोपैथी, वर्कआउट और योग प्लान्स की एक श्रृंखला के साथ, ऐप प्रीमियम स्वास्थ्य ट्रैकर, रेसिपी और स्वास्थ्य सम्बन्धी ब्लॉग भी प्रदान करता है। अनुकूलित आहार, फिटनेस, प्राकृतिक चिकित्सा और योग प्लान प्राप्त करें और ToneOp के साथ खुद को बदलें।

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