सर्दियों में क्यों होती है सोने में परेशानी? जानें ठण्ड में नींद को बेहतर बनाने के तरीके!

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Published on: 31-Jan-2024

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Akriti Tiwary

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सर्दियों में क्यों होती है सोने में परेशानी? जानें ठण्ड में नींद को बेहतर बनाने के तरीके!

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सर्दियों में हम सभी को अधिक नींद की आवश्यकता होती है। मौसम में बदलाव सोने की आदतों में नकारात्मक परिवर्तन का कारण बन सकता है। सर्दियों में आसानी से नींद ना आने या पर्याप्त नींद न मिलने की समस्या को विंटर इंसोम्निया (Winter Insomnia) कहते हैं।  


'फ्रंटियर इन न्यूरोसाइंस' (Frontiers in Neuroscience) जर्नल के अनुसार, इंसानों को गर्मी के मौसम में सर्दी के मौसम की तुलना में अधिक नींद की आवश्यकता होती है। इसके साथ बर्लिन के चैरिटी मेडिकल यूनिवर्सिटी (Charité Medical University of Berlin) के शोध के अनुसार, ह्यूमन शरीर पर सूर्य की रोशनी द्का प्रभाव पड़ता है। दिन की लंबाई और प्रकाश में परिवर्तन होने से आपके शरीर और नींद में भी परिवर्तन होते हैं। 


मौसम के नींद पर प्रभाव और सर्दियों में नींद को बेहतर बनाने के उपायों के लिए ये ब्लॉग ज़रूर पढ़ें!

विषयसूची

  1. सर्दियों में क्यों होती है सोने में परेशानी?

  2. सर्दियों में नींद की समस्या के कारण क्या हैं?

  3. सर्दियों में बेहतर नींद कैसे लें?

  4. सर्दियों में अपनी नींद को सुधारने के अन्य तरीके

  5. निष्कर्ष 

  6. सामान्य प्रश्न

  7. सन्दर्भ लिंक 

सर्दियों में क्यों होती है सोने में परेशानी?

सर्दी का मौसम और नींद संबंधी विकार हानिकारक हो सकते हैं। सर्दियों का कम तापमान ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया के लिए समस्या बन सकता है। असहज ड्राई फेस, सांस लेने में परेशानी और साइनस सिरदर्द जैसी कठिनाइयां नींद को बेहद अप्रिय बना सकती हैं।


ब्राज़ीलियाई अध्ययन से पता चला है कि नींद की बीमारी से पीड़ित लोगों को रात में सांस लेने में रुकावट का सामना करना पड़ा। एक सर्वेक्षण से पता चला है कि ठंड के मौसम में इलाज कराने वाले 34% रोगियों में नींद की गंभीर समस्या थी, जबकि गर्म मौसम में इलाज कराने वाले केवल 28% रोगियों में नींद की गंभीर समस्या थी।


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सर्दियों में नींद की समस्या के कारण क्या हैं?


सर्दियों में ज़्यादातर लोग भारी और पेट भरने वाला खाना खाते हैं। हालांकि, ये भोजन पचने में अधिक समय लेते हैं और अकेले ही आपको रात में जगाए रख सकते हैं। इसके अलावा, सर्दी में बंद नाक और गले की समस्या भी आपको काफी परेशान करती है। जब ऐसा होता है, तो आप आमतौर पर अपना मुंह खुला रखकर सोते हैं।


इससे खर्राटे आ सकते हैं, और ये सर्दियों में इन्सोमनिया के कई प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है। 

1. विंटर इन्सोमनिया (Winter Insomnia) 

विंटर इन्सोमनिया, ठंड के महीनों के दौरान नींद न आने की समस्या, संभावित रूप से सीज़नल इफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) नामक स्थिति का संकेत हो सकता है। 


हमारी नींद का चक्र सूर्य के प्रकाश से संचालित होता है, क्योंकि हमारे पूर्वज सूर्य के साथ सोते और जागते थे। यह 24 घंटे की आंतरिक घड़ी जो सूर्य के प्रकाश/अंधेरे चक्र के साथ रीसेट होती है, सर्कैडियन लय कहलाती है , और यह सोने/जागने के चक्र, हार्मोनल गतिविधि, शरीर का तापमान लय, खाने और पचाने को प्रभावित करती है।  

 

जब सूरज ढल जाता है, तो मस्तिष्क भी शरीर को सूर्यास्त शुरू करने के लिए संकेत भेजता है। इन संकेतों में से एक मेलाटोनिन उत्पादन है - यही वह हार्मोन है जो आपको "नींद का एहसास" कराता है।

मेलाटोनिन शरीर की सर्कैडियन रिदम को विनियमित करने में मदद करता है, जिसे आमतौर पर "बॉडी क्लॉक" कहा जाता है। सर्दियों में इन्सोमनिया को प्रभावी ढंग से ठीक किया जा सकता है। सर्दियों में इन्सोमनिया की गंभीरता सोने में मध्यम कठिनाइयों से लेकर पूरी रात सोने में असमर्थता तक होती है। ।

2. सीज़नल इफेक्टिव डिसऑर्डर (Seasonal Affective Disorder)

सीज़नल डिप्रेशन एक चिंताजनक स्थिति है जो विश्व स्तर पर 10 मिलियन से अधिक व्यक्तियों को प्रभावित करती है। दिन के उजाले में सूरज की रोशनी के सीमित संपर्क से हार्मोनल संतुलन बाधित हो सकता है, जिससे उदासी और निराशा की भावनाएं पैदा हो सकती हैं।


यदि आप विंटर इन्सोमनिया या सीज़नल इफेक्टिव डिसऑर्डर से पीड़ित हैं, तो आपको सोने में परेशानी हो सकती है। SAD से पीड़ित लोगों को दिन में अत्यधिक नींद आ सकती है और रात में वे सामान्य से अधिक देर तक सो सकते हैं।

सर्दियों में बेहतर नींद कैसे लें?

सीज़नल इफेक्टिव डिसऑर्डर (Seasonal Affective Disorder) और विंटर इन्सोमनिया (Winter Insomnia) मौसम में बदलाव के कारण होते हैं और मौसम बदलने पर आमतौर पर गायब हो जाते हैं। सर्दियों के दौरान बेहतर नींद के लिए आप कुछ तरीके अपना सकते हैं।


इसका सबसे अच्छा इलाज लाइट थेरेपी है। जब धूप अच्छी हो तब थोड़ी देर धुप में ज़रूर बैठें। अध्ययनों से पता चलता है कि लाइट थेरेपी एक महीने में डिप्रेशन के लक्षणों को 83% तक कम कर सकती है।

पर्याप्त धूप लें

  • आपके शरीर में एक इंटरनल सिस्टम होता है जिसे "सर्कैडियन रिदम" कहा जाता है।

  • यह सिस्टम आपके सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है। 

  • जब बाहर उजाला और रोशनी होती है, तो हमारा दिमाग इसे दिन के रूप में समझता है और हमें जागने के लिए प्रेरित करता है।

अपने बिस्तर की गुणवत्ता को बेहतर बनाएं 

  • आपको सर्दियों के दौरान आरामदायक बिस्तर पर निवेश करना चाहिए क्योंकि सर्दियों के वक़्त आपके शरीर का तापमान गिर जाता है, जिससे आरामदायक और गर्म महसूस करना मुश्किल हो जाता है।

  • ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे शरीर को आराम की भावना बनाए रखने के लिए एक निश्चित स्तर की गर्मी की आवश्यकता होती है।

रात को हल्का भोजन करें

  • सोने से पहले आप क्या खाते हैं, इस पर विचार करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी नींद और समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

  • ऐसा कहा जाता है कि अधिक मात्रा में भोजन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए आपको सोने से पहले हल्का भोजन करना चाहिए।

नियमित व्यायाम करें 

  • व्यायाम करना आपके शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फैट बर्निंग में मदद करता है, मेटाबॉलिज़्म को बढ़ावा देता है और आपको खुश रखता है।

  • शोध के अनुसार, जो लोग रोज़ाना व्यायाम करते हैं वे अधिक एनर्जेटिक होते हैं और हर रात बेहतर नींद लेते हैं।

सर्दियों में अपनी नींद को सुधारने के अन्य तरीके

सर्दियों में अपनी की नींद को बेहतर बनाने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं:

  • आप अच्छे नींद के लिए गर्म कपड़े पहन कर सो सकते हैं और सुबह की सैर पर भी जा सकते हैं। इसके अलावा आप सुबह-सुबह गर्म कॉफी का भी आनंद ले सकते हैं।

  • अपनी नींद को या सोने और उठने के समय को नियंत्रित रखें। 

  • अपने सोने का समय इतना जल्दी निर्धारित करें कि कम से कम 7-8 घंटे की नींद मिल सके।

  • जब तक आपको नींद न आ रही हो, बिस्तर पर न जाएँ।

  • स्लीप टाइमर बनाएं। 

  • सुबह सबसे पहले अपने पर्दे खोलें। इसके अलावा, बाहर जाएं और खुद को कुछ देर तक धूप में रहने दें।

  • अपने घर में हवा को सूखने से बचाने के लिए, एक ह्यूमिडिफायर लगाएं जो हवा को नम रखने में मदद कर सकता है।

  • सोने से कम से कम 30 मिनट पहले डिजिटल उपकरण जैसे फ़ोन या लैपटॉप का उपयोग बंद कर दें।

  • कोशिश करें कि सोने से 4 से 5 घंटे पहले कुछ न खाएं। 

  • बिस्तर पर जाने से पहले अधिक भोजन न करें। अगर आपको रात में भूख लगती है तो स्वस्थ और हल्का भोजन खाएं।

  • स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम करें।

  • दोपहर या शाम को कैफीन से बचें।

  • बिस्तर पर जाने से पहले शराब या कैफीन का सेवन न करें।

  • सोने से पहले तरल पदार्थ का सेवन कम करें।

निष्कर्ष 

इस ब्लॉग से हम सभी जान गए हैं की सर्दियों में कम सोने का अहम कारण क्या है। अगर आपको भी सर्दियों के मौसम के दौरान रात में अच्छी नींद लेने में परेशानी हो रही है, तो इसमें कई कारक शामिल हो सकते हैं। सर्दियों में अपनी इन्सोमनिया के सुधार के लिए ऊपर लिखे तरीकों को आज़माएं। यदि अपर्याप्त नींद आपकी दैनिक जीवन या कामों को प्रभावित करती है, तो आगे के मार्गदर्शन के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


अगर आप नींद से संबंधित विकरों से बचना चाहते हैं, तो आप ToneOp के विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं।  

सामान्य प्रश्न

1.सर्दियों में सोना मुश्किल क्यों होता है?

मेलाटोनिन लेवल और धूप की कमी के कारण, कई व्यक्तियों में इन्सोमनिया की समस्या हो सकती है। मेलाटोनिन शरीर की सर्कैडियन रिदम, या "बॉडी क्लॉक" को नियंत्रित करता है।


2. क्या ठंड के कारण रातों की नींद ख़राब हो सकती है?

व्यक्तियों को सर्दी के कारण इन्सोमनिया का अनुभव हो सकता है। इसके वजह से आपको रात को सोने में दिक्कत हो सकती है। 


3. सर्दियों में ज़्यादा थकान क्यों महसूस होती है?   

सूरज की रोशनी में कमी आपके सर्कैडियन रिदम (circadian rhythm) को प्रभावित कर सकती है, जिससे आपका शरीर अतिरिक्त मेलाटोनिन को प्रोड्यूस कर सकता है, जिसके कारण आप अधिक थका हुआ महसूस करते हैं।

संदर्भ 

https://academic.oup.com/jcem/article/86/1/151/2841140 

https://www.sleep.org/articles/temperature-for-sleep/ 

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6017911/ 

https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/8064650/ 

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