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Nipah Virus Infection (NiV) In Hindi: लक्षण, कारण, निदान, रोकथाम और उपचार

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22 Jan 2024

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क्या आपने कभी सोचा है कि डोमेस्टिक जानवर या पक्षी भी इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं, या किसी इंफेक्शन के पीछे का कारण हो सकते हैं? निपाह वायरस या NiV एक ऐसा ही संक्रामक और खतरनाक इंफेक्शन है जो सूअरों और चमगादड़ों के तरल पदार्थ के कारण होता है।


1999 में मलेशिया में पहली बार यह वायरस पाया गया जहाँ इसने लगभग 300 लोगों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु दर 100 से अधिक पहुंच गया। हालांकि इसके लिए कोई संभावित उपचार उपलब्ध नहीं हैं लेकिन इसे ठीक करना बेहद आवश्यक है। लंबे समय तक इंफेक्शन से एन्सेफलाइटिस (ब्रेन इंफेक्शन) या यहां तक ​​​​कि मृत्यु जैसी स्थिति हो सकती है।


लेकिन क्या भारत इसके प्रकोप में हैं? 2001 के बाद से निपाह वायरस ने केरल में छठी बार अपनी उपस्थिति दिखाई है। इसलिए, इंफेक्शन को रोकने के लिए निपाह वायरस के संचरण के बारे में सभी जानकारी को समझना महत्वपूर्ण है। यहां, हम निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के लक्षण, कारण, निदान, रोकथाम और उपचार के बारे में जानेंगे। जानने के लिए ब्लॉग पढ़ें!

मुख्य हाइलाइट्स: 

  • निपाह वायरस पहली बार 1999 में मलेशिया में पाया गया। 

  • निपाह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या जानवरों (चमगादड़ और सूअर) से फैल सकता है। ये मनुष्यों में निकट संपर्क और दूषित भोजन या पानी से फैलता है। 

  • निपाह वायरस का नेचुरल होस्ट पटेरोपोडिडी फैमिली के "फ्रूट बैट्स" यानी ऐसे चमगादड़ हैं जो फल खाते हैं। 

  • अभी तक निपाह वायरस के इंफेक्शन का कोई संभावित इलाज नहीं हैं। इससे बचने का एकमात्र तरीका प्रिकॉशन्स, प्रोटोकॉल, सेल्फ-केयर और उचित देखभाल करना है। 

विषयसूची

  1. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) क्या है?

  2. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के लक्षण

  3. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के कारण

  4. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) का निदान

  5. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के लिए सावधानियां

  6. निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) का उपचार

  7. निष्कर्ष 

  8. सामान्य प्रश्न

  9. संदर्भ लिंक 

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) क्या है?

निपाह या NiV एक ज़ूनोटिक वायरस (zoonotic virus) है जो और पैरामाइक्सोविरिडे (Paramyxoviridae), जीनस हेनिपावायरस  (Henipavirus) फैमिली से संबंधित है। इस वायरस को पहली बार 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में देखा गया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 300 मामले और 100 से अधिक मृत्यु हुई थी।

इस इंफेक्शन के इलाज के लिए कोई निपाह वायरस वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसका एकमात्र संभावित उपचार बीमार जानवरों (विशेष रूप से चमगादड़ और सूअर) के संपर्क से बचना और उचित देखभाल करना है। साथ ही, उन खाद्य उत्पादों से परहेज करें जिन्हें संक्रमित जानवर दूषित कर सकते हैं जैसे कच्चे खजूर के जूस या फल। 

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के लक्षण

निपाह वायरस से इंफेक्शन (NiV) के लक्षण दिखने में 4-14 दिन लग सकते हैं। यह आम तौर पर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (माइल्ड) से शुरू होकर खतरनाक एन्सेफलाइटिस (encephalitis) में बदलता है।   


मनुष्यों में निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के प्रारंभिक लक्षण

  • बुखार

  • सिरदर्द

  • खांसी

  • मायलजिया (मांसपेशियों में दर्द)

  • गले में खराश 

  • सांस लेने में परेशानी 

  • उल्टी 

  • निमोनिया

  • रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर 


कुछ व्यक्तियों में गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं

  • अटैक्स 

  • कोमा 

  • ब्रेन में सूजन (एन्सेफलाइटिस)


ये भी पढ़ें: Mansik Tanav Ko Dur Karne Ke Upay: मन को शांत और पॉज़िटिव रखने के लिए डाइट और योग

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के कारण 

इस संक्रमण के जोखिम कारकों में शामिल हैं-

  • संक्रमित जानवरों जैसे सूअर, चमगादड़ या वायरस से संक्रमित मनुष्यों के साथ निकट संपर्क में रहना।

  • वह खाद्य उत्पाद जो संक्रमित जानवर दूषित कर सकते हैं जैसे कच्चे खजूर का जूस या अन्य ऐसे फल भी सक्रमण का कारण बनते हैं।

  • एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचार परिवार के सदस्यों या मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान निकट संपर्क से भी हो सकता है।

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) का निदान

लक्षणों की जांच करने के बाद, निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करके निपाह वायरस का निदान कर सकते हैं:


1. RT-PCR

रियल-टाइम पॉलीमर्स चेन रिएक्शन (Real-time polymerase chain reaction) का उपयोग इंफेक्शन के प्रारंभिक चरण के दौरान किया जाता है। यह विभिन्न सैम्पल्स का उपयोग कर सकते हैं, जैसे

  • केरेब्रस्पिनल फ्लूइड 

  • यूरिन सैंपल 

  • ब्लड सैंपल 

  • नेसल स्वेब


2. ELISA टेस्ट

निपाह वायरस के निदान का एक और प्रभावी तरीका एंज़ाइम-लिंक्ड इम्युनोसॉरबेंट ऐसे (ELISA) है, जो इंफेक्शन की पुष्टि करने के लिए एंटीबॉडी का उपयोग करता है।


यदि किसी में NiV इंफेक्शन के लक्षण हैं और वह उन क्षेत्रों में गया है जहां निपाह आम है, जैसे बांग्लादेश या भारत, तो उन्हें NiV की जांच करानी चाहिए, खासकर यदि वे पहले इसके संपर्क में आ चुके हों।


निपाह वायरस रोग की लेबोरेटरी और रेडियोलॉजिकल निदान

कैटेगरी 

टेस्ट 

परिणाम

रूटीन  हेमेटोलॉजिकल टेस्ट 

कम्पलीट ब्लड काउंट 

  • थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (कम प्लेटलेट काउंट)

  • ल्यूकोपेनिया (कम वाइट ब्लड सेल काउंट)

  • बढ़े हुए लीवर एंज़ाइम

केरेब्रस्पिनल फ्लूइड एनालिसिस 

सेल काउंट और प्रोटीन एनालिसिस 

  • लिम्फोसाइटिक प्लियोसाइटोसिस (लिम्फोसाइट्स में वृद्धि)

  • बढ़ा हुआ प्रोटीन लेवल 

इमेजिंग

ब्रेन MRI 

  • सबकॉर्टिकल और डीप व्हाइट मैटर में 2-7 mm मल्टीफोकल डिस्क्रीट 

NiV स्पेसिफिक टेस्ट 

ELISA 

  • निपाह वायरस एंटीबॉडी का पता लगाना (पिछले इंफेक्शन का संकेत)

पॉलिमरेज़ चेन रिएक्शन (PCR)

  • निपाह वायरस RNA का पता लगाना

वायरस आइसोलेशन 

  • लाइव निपाह वायरस की पहचान और आइसोलेशन

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के लिए सावधानियां


निपाह वायरस के लिए वर्तमान में कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए निपाह इंफेक्शन को रोकने के लिए आपको सर्वोत्तम और हर संभव तरीकों के बारे में पता होना चाहिए। उनमें से कुछ में निम्नलिखित शामिल हैं:

1. इन्फेक्टेड लोगों के संपर्क से बचें

इंफेक्शन से बचने के लिए सूअर और चमगादड़ जैसे जानवरों और इन्फेक्टेड व्यक्तियों के साथ अपने संपर्क को सीमित करें। संपर्क से बचकर आप इन्फेक्शन के जोखिम को कम कर सकते हैं।

2. स्वच्छता प्रक्रिया का पालन करें

निपाह वायरस एक संक्रामक इंफेक्शन है इसलिए, स्वच्छता प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है:

  •  खाने से पहले अपने हाथों को साबुन से धोएं।

  •  नियमित रूप से इन्फेक्टेंट्स का उपयोग कर के आस-पास की जगह को साफ़ रखें। 

3. दूषित भोजन खाने से परहेज करें

यह वायरस के फैलने का एक और बड़ा कारण है। इसलिए, दूषित भोजन के सेवन से परहेज़ करें। अगर आप फल खाना चाहते हैं तो खाने से पहले फलों को धोकर छील लें।

4. दूषित तरल पदार्थों के संपर्क से बचें

संक्रमित मनुष्यों, सूअरों और चमगादड़ों जैसे जानवरों के ब्लड, सलाइवा, यूरिन और नेसल ड्रॉप्लेट्स  जैसे तरल पदार्थ आसानी से NiV फैलने का कारण बन सकते हैं। इसलिए, इंफेक्शन से बचने के लिए उनसे बचने की कोशिश करें।


आप कुछ और निवारक उपाय भी अपना सकते हैं:

  • सुअर फार्मों में काम करते समय पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) पहनना।

  • सर्जिकल मास्क पहनना

  • आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) का उपचार

वर्तमान में, निपाह वायरस के इलाज के लिए कोई एंटीवायरल दवाएं नहीं हैं। लेकिन उपचार के लिए हम कुछ तरीके शामिल कर सकते हैं जैसे: 


  • बहुत सारा पानी पीना, आराम करना, डॉक्टर की सलाह पर एसिटोमिनोफेन या आईबुप्रोफेन लेना, मतली या उल्टी को नियंत्रित करने के लिए दवाओं का उपयोग करना, सांस लेने में कठिनाई के लिए इनहेलर या नेबुलाइज़र का उपयोग करना और यदि आवश्यक हो तो डॉक्टर की सलाह पर एंटी-सिज़र दवाइयां लेना। 


कुछ इम्यूनोथेराप्यूटिक उपचार विकास के अधीन है, जिसमें m102.4 जैसी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी भी शामिल है। इसके साथ रेमडेसिवीर नॉन-ह्यूमन प्राइमेट्स (nonhuman primates) में पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (post-exposure prophylaxis ) के रूप में प्रभावी रहा है। 

निष्कर्ष 

निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) संक्रामक है और नेसल ड्रॉप्लेट्स, ब्लड, यूरिन या केरेब्रस्पिनल फ्लूइड जैसे विभिन्न फ्लुइड्स के माध्यम से जानवरों से मनुष्यों या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। 


चिंता का विषय ये हैं की NiV के उपचार के लिए कोई वैक्सीन नहीं है। इसके अलावा लंबे समय तक इंफेक्शन से रेस्पिरेटरी समस्याएं, दौरे, कोमा, एन्सेफलाइटिस और यहां तक ​​​​कि मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए, निपाह वायरस इंफेक्शन (NiV) के कारणों, लक्षणों, निदान और रोकथाम के बारे में खुद को जागरूक करें। अधिक जानने के लिए आप ब्लॉग पढ़ सकते हैं।

सामान्य प्रश्न

1. निपाह वायरस कितना संक्रामक है?

निपाह वायरस बहुत संक्रामक है और संक्रमित जानवर या व्यक्ति के सलाइवा, मल, यूरिन और ब्लड  जैसे फिज़िकल फ्लूइड के माध्यम से आसानी से फैल सकता है। यह दूषित भोजन और पानी के सेवन से भी फैल सकता है। इसलिए, यदि आप संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते हैं, तो इंफेक्शन को रोकने के लिए उचित स्वच्छता प्रक्रिया का उपयोग करें।


2. क्या निपाह वायरस हवा से फैलता है?

हां, खांसते या छींकते समय हवा के माध्यम से संक्रमित व्यक्ति या जानवर की रेस्पिरेटरी ड्रॉप्लेट्स के माध्यम से NiV आसानी से प्रसारित हो सकता है।


3. निपाह वायरस के जोखिम कारक क्या हैं?

निपाह वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए, चमगादड़, सूअर और संक्रमित मनुष्यों के संपर्क में आने से बचना महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, कच्चे फल और सब्ज़ियों का सेवन करने से पहले पर्याप्त सावधानी रखें।


4. निपाह वायरस के साइड इफेक्ट्स क्या है?

निपाह वायरस के कुछ साइड इफेक्ट्स में शामिल हैं-

  • पर्सनालिटी में बदलाव 

  • बुखार

  • सिरदर्द

  • चक्कर आना

  • उल्टी 


5. क्या निपाह वायरस को रोक सकते हैं?

हां, निवारक उपायों का पालन करके आप इंफेक्शन को रोक सकते हैं। यहाँ कुछ उपाय दिए गए हैं:

  • सुअर, चमकदाड़ और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचें।  

  • दूषित भोजन और पेय से परहेज करें।  

  • हाथों की सफाई ज़रूर करें।  

  • खेतों या इन्फेक्टेड एरिया में काम करते समय दस्ताने और मास्क पहनें।

संदर्भ लिंक 

ToneOp क्या है?

ToneOp  एक हेल्थ एवं फिटनेस एप है जो आपको आपके हेल्थ गोल्स के लिए एक्सपर्ट द्वारा बनाये गए हेल्थ प्लान्स प्रदान करता है।  यहाँ 3 कोच सपोर्ट के साथ-साथ आप अनलिमिटेड एक्सपर्ट कंसल्टेशन भी प्राप्त कर सकते हैं। वेट लॉस, मेडिकल कंडीशन, डिटॉक्स और फेस योगा प्लान की एक श्रृंखला के साथ, ऐप प्रीमियम स्वास्थ्य ट्रैकर, रेसिपी और स्वास्थ्य सम्बन्धी ब्लॉग भी प्रदान करता है। अनुकूलित आहार, फिटनेस, प्राकृतिक चिकित्सा और योग प्लान प्राप्त करें और ToneOp के साथ खुद को बदलें।

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